Tomato farming in Hindi: टमाटर की खेती में फूल अवस्था सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान छोटी-छोटी गलतियाँ भी फूलों के झड़ने (फूल ड्रॉपिंग) का कारण बन सकती हैं, जिससे पैदावार कम हो सकती है। आज हम बात करेंगे टमाटर की फूल अवस्था में तीन ऐसी गलतियों की, जिन्हें आपको हर हाल में बचना चाहिए। साथ ही, हम कुछ सुझाव भी देंगे, जिनसे आप फूलों की संख्या बढ़ा सकते हैं और अच्छी पैदावार पा सकते हैं। इस जानकारी को हम तुलनात्मक दृष्टिकोण से समझेंगे, जैसे कि टमाटर की खेती को अन्य फसलों जैसे बैंगन या मिर्च से कैसे अलग रखना चाहिए।

Tomato farming
1. गलत कीटनाशक और फफूंदनाशक का इस्तेमाल न करें-
फूल अवस्था (Flowering) में टमाटर के पौधे बहुत नाजुक होते हैं। इस समय गलत कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव फूलों को नुकसान पहुँचा सकता है। कई किसान अनजाने में ऐसी दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, जो फूलों को झड़ा देती हैं।
क्या नहीं करना चाहिए:
- सिंथेटिक पायरोथ्राइड कीटनाशक: जिन दवाइयों के नाम के अंत में “थ्रीन” हो, जैसे अल्फामेथ्रिन, साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन, या लैम्ब्डा-साइहलोथ्रिन, इनका छिड़काव फूल अवस्था में न करें। ये फूलों को नुकसान पहुँचाते हैं और फूल ड्रॉपिंग की समस्या बढ़ाते हैं।
- कुछ फफूंदनाशक: कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या पाउडर फॉर्म वाले फफूंदनाशक (जैसे डाइमेथोमॉर्फ, साइमॉक्सानिल, या कैप्टन) का इस्तेमाल न करें। ये भी फूल झड़ने का कारण बनते हैं।
- लिक्विड फफूंदनाशक का गलत चयन: कुछ लिक्विड फफूंदनाशक, जैसे हेक्साकोनाजोल या मेटालैक्सिल, भी फूल ड्रॉपिंग का कारण बन सकते हैं।
क्या करना चाहिए:
- सुरक्षित फफूंदनाशक चुनें: थायोफेनेट मिथाइल (जैसे रोको) या मैनकोजेब (M-45) जैसे पाउडर फफूंदनाशक फूल अवस्था में सुरक्षित हैं। लिक्विड फफूंदनाशक में SC या EC फॉर्म का चयन करें।
- तुलनात्मक दृष्टिकोण: बैंगन या मिर्च की खेती में भी फूल अवस्था में कीटनाशक सावधानी से चुनने की जरूरत होती है, लेकिन टमाटर के फूल इन फसलों की तुलना में ज्यादा नाजुक होते हैं। इसलिए टमाटर में कीटनाशक और फफूंदनाशक का चयन और सावधानी ज्यादा जरूरी है।
स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की सलाह के अनुसार, फूल अवस्था में रासायनिक छिड़काव को न्यूनतम रखना चाहिए।
2. जिब्रेलिक एसिड का इस्तेमाल न करें
जिब्रेलिक एसिड एक पौधा वृद्धि नियामक (PGR) है, जो कई फसलों में इंटरनोड की लंबाई बढ़ाने या अंगूर में फूल कम करने (थिनिंग) के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन टमाटर की फूल अवस्था में इसका इस्तेमाल हानिकारक हो सकता है।
क्यों नहीं करना चाहिए:
- जिब्रेलिक एसिड फूलों के डंठल को जला सकता है, जिससे फूल झड़ जाते हैं।
- हल्की मिट्टी (रेतीली मिट्टी) में फूल ड्रॉपिंग की समस्या ज्यादा होती है, क्योंकि ऐसी मिट्टी में नमी और पोषक तत्व कम समय तक रहते हैं। इस स्थिति में जिब्रेलिक एसिड का प्रभाव और बुरा हो सकता है।
क्या करना चाहिए:
तुलनात्मक दृष्टिकोण: अंगूर की खेती में जिब्रेलिक एसिड का उपयोग फूल कम करने के लिए किया जाता है, लेकिन टमाटर में इसका उल्टा प्रभाव पड़ता है। इसलिए टमाटर में फूल अवस्था के दौरान इसे पूरी तरह से अवॉइड करें।
सुरक्षित PGR का इस्तेमाल: फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए मेपिक्वाट क्लोराइड, अल्फा-नैप्थथैलिक एसिड, या होमोब्रासिनोलाइड जैसे PGR का छिड़काव करें। ये वेजिटेटिव ग्रोथ को रिप्रोडक्टिव ग्रोथ में बदलने में मदद करते हैं।
3. पोषक तत्वों का असंतुलन न करें
फूल अवस्था में पौधे को सही पोषक तत्व (Nutrients) देना बहुत जरूरी है। गलत पोषक तत्वों का इस्तेमाल पौधे की सेहत को नुकसान पहुँचा सकता है और फूल ड्रॉपिंग को बढ़ा सकता है।
क्या नहीं करना चाहिए:
- नाइट्रोजन का अधिक उपयोग: फूल अवस्था में नाइट्रोजन-आधारित खाद (जैसे यूरिया, कैल्शियम नाइट्रेट, या अमोनियम सल्फेट) का ज्यादा इस्तेमाल न करें। इससे पौधा ज्यादा पत्तियाँ बनाएगा, लेकिन फूल और फल कम होंगे।
- गुड़ का गलत इस्तेमाल: अगर पौधे में ब्लाइट जैसे रोग हों, तो गुड़ का उपयोग मिट्टी में न करें। यह रोग को और बढ़ा सकता है।
क्या करना चाहिए:
- फॉस्फोरस और बोरॉन का उपयोग: फूल अवस्था में फॉस्फोरस और बोरॉन युक्त खादों का उपयोग करें। ये फूलों की सेटिंग और फल बनने में मदद करते हैं।
- टॉनिक का छिड़काव: अगर पौधा तनाव में है या फूलों की संख्या कम है, तो ह्यूमिक एसिड, रैपिड ग्रो, या एमबी सन जैसे टॉनिक का छिड़काव करें। ये पौधे की सेहत सुधारते हैं और फूलों की संख्या बढ़ाते हैं।
- खाद का संयोजन: मैग्नीशियम सल्फेट, सरसों की खली, और लैक्टेटेड कैल्शियम का मिश्रण मिट्टी में डालें। इसे ड्रिप सिंचाई के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- तुलनात्मक दृष्टिकोण: मिर्च या बैंगन की खेती में भी फूल अवस्था में नाइट्रोजन को कम और फॉस्फोरस को बढ़ाने की सलाह दी जाती है। लेकिन टमाटर में बोरॉन की जरूरत ज्यादा होती है, क्योंकि यह फूलों की सेटिंग में विशेष भूमिका निभाता है।
स्रोत: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, की खेती गाइडलाइंस में टमाटर के लिए फॉस्फोरस और बोरॉन के महत्व को बताया गया है।
फूल अवस्था में सही प्रबंधन के लिए टिप्स
- सही समय पर छिड़काव: सुबह या शाम के समय छिड़काव करें, ताकि फूलों पर दवाइयों का असर कम हो।
- मिट्टी की जाँच: हल्की मिट्टी में नमी और पोषक तत्वों का प्रबंधन ज्यादा सावधानी से करें, क्योंकि इनमें फूल ड्रॉपिंग की समस्या ज्यादा होती है।
- तनाव प्रबंधन: सर्दियों में कम तापमान के कारण टमाटर की ग्रोथ धीमी हो सकती है। ऐसे में सल्फर या सी-बीट जैसे उत्पादों का उपयोग मिट्टी में करें।
टमाटर की फूल अवस्था में सही देखभाल और गलतियों से बचाव से आप अपनी पैदावार को दोगुना कर सकते हैं। गलत कीटनाशक, जिब्रेलिक एसिड, और नाइट्रोजन का अधिक उपयोग फूल ड्रॉपिंग का कारण बन सकता है। इसके बजाय, सुरक्षित फफूंदनाशक, फॉस्फोरस-बोरॉन युक्त खाद, और टॉनिक का उपयोग करें। अन्य फसलों की तुलना में टमाटर की खेती में फूल अवस्था ज्यादा नाजुक होती है, इसलिए सावधानी बरतें। इन सुझावों को अपनाकर आप न केवल फूल ड्रॉपिंग की समस्या से बच सकते हैं, बल्कि अच्छी गुणवत्ता और ज्यादा मात्रा में टमाटर की पैदावार भी प्राप्त कर सकते हैं।